वेदांता जस्ता-सीसा उत्पादन तीन गुना करेगी : अनिल अग्रवाल
नई दिल्ली। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी की भव्य विस्तार योजनाओं की घोषणा की है। 61वें वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में वेदांता अनलिमिटेड के भविष्य का खाका पेश करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी जस्ता और सीसा उत्पादन को लगभग तीन गुना बढ़ाकर 30 लाख टन करने जा रही है। चांदी का उत्पादन दोगुना कर 1,500 टन तक पहुंचाने और इस दशक के अंत तक तांबा उत्पादन 10 लाख टन करने की योजना है।
अनिल अग्रवाल ने बताया कि फेरोक्रोम उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2027-28 तक 5 लाख टन हो जाएगी, जबकि निकल उत्पादन 60,000 टन तक बढ़ाया जाएगा। लिथियम, कोबाल्ट, सोना, तांबा, निकल, मैंगनीज, दुर्लभ खनिज तत्वों और पोटाश सहित 10 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की खोज में तेजी लाई जाएगी।
तेल एवं गैस क्षेत्र में 5 अरब डॉलर का निवेश
अग्रवाल ने कहा कि तेल एवं गैस कारोबार के विस्तार के लिए अगले 3-5 वर्षों में 5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया जाएगा। वेदांता ऑयल एंड गैस प्रतिदिन 5 लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
स्टील उत्पादन में बड़ी छलांग
वेदांता स्टील उत्पादन क्षमता को 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन सालाना करने जा रही है। पावर क्षेत्र में भी क्षमता 20,000 मेगावाट तक बढ़ाने की योजना है।
अनिल अग्रवाल ने जोर दिया कि कंपनी का भविष्य तीन सिद्धांतों पर टिका है — अधिक उत्पादन, बेहतर साझेदारी और लाभ से लाभ कमाना। वेदांता समूह की पांच प्रमुख कंपनियां अगले तीन वर्षों में उत्पादन क्षमता दोगुनी कर 60 लाख टन सालाना करने और विश्व स्तर पर सबसे कम लागत वाला उत्पादक बनने का लक्ष्य रखती हैं।
यह विस्तार योजना भारत को आत्मनिर्भर बनाने और ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका निभाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।