छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र (16 मार्च 2026) में पामगढ़ (SC) से कांग्रेस विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश ने अनुसूचित जाति (SC) पदोन्नति आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार हस्तक्षेप किया।
उन्होंने सदन में कहा कि 11 जुलाई 2024 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा गठित मनोज पिंगुआ की अध्यक्षता वाली 7 सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट में निगम-मंडलों में SC के 32.26% पद खाली पड़े होने और विभिन्न कार्यालयों में प्रथम श्रेणी पदों में SC आरक्षण की अनदेखी का जिक्र है।
विधायक महोदया ने मांग की कि रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए, क्वांटिफायबल डेटा पेश किया जाए और उच्चतम न्यायालय व छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के फैसलों (खासकर W.P.(S) 9778/2019) का पालन सुनिश्चित किया जाए।
वे पूरे प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग की आवाज बनकर बोलीं और कहा कि यह मुद्दा केवल उनके क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति समाज का है।
सभापति ने उन्हें अपने क्षेत्र तक सीमित रखने की कोशिश की, लेकिन शेषराज हरवंश अड़ी रहीं और मंत्री को रिपोर्ट मांगने की अपील की।
यह घटना अनुसूचित जाति आरक्षण, एवं पदोन्नति आरक्षण की प्रभावी पालन, तथा अजा वर्ग के बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती और कमेटी रिपोर्ट की पारदर्शिता को लेकर छत्तीसगढ़ में चल रहे विवाद को उजागर करती है।