राज्यसभा में गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर जमकर हंगामा हुआ। खरगे ने मंच के ‘शुद्धीकरण’ की घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह केवल उनका अपमान नहीं, बल्कि दलित समाज के प्रति भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
खरगे ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में उनके कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धीकरण कराया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने संबोधन में न किसी समुदाय का नाम लिया और न ही किसी धर्म के खिलाफ टिप्पणी की। इसके बावजूद उनके भाषण के बाद मंच को गंगाजल से शुद्ध किए जाने की खबर सामने आई।
मामले को लेकर राज्यसभा में विपक्ष ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई। खरगे ने कहा कि यदि किसी ने कानून हाथ में लिया है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घटना की जांच कराने की बात कही और कहा कि दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे सामाजिक भेदभाव और दलितों के अपमान का उदाहरण बताया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी घटना पर माफी की मांग की।