गौ माता राष्ट्रमाता बनाओ इसके लिये प्रधानमंत्री को सौंपे गए 15 करोड़ हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना-पत्र

Date: 2026-07-29
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सभी जिलों से सरकार को सौंपे गए 15 करोड़ हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना-पत्र

गो-सम्मान आह्वान अभियान

बिलासपुर। गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संचालित गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के तहत सोमवार को बिलासपुर सहित देशभर के सभी जिलों से संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों के नाम हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना-पत्र व ज्ञापन सौंपे गए। अभियान के आयोजकों ने बताया कि पिछले छह माह से देशभर के संतों, गौरक्षकों और गोभक्तों के नेतृत्व में यह जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।

इसके माध्यम से गोहत्या निषेध के लिए केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति तथा कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण, शिक्षा और मानव जीवन से जुड़े विषयों को गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति में शामिल करने सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई हैं।

अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देश की लगभग 5,000 तहसीलों के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को भेजे गए थे। मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं होने के कारण द्वितीय चरण में देश के 790 जिलों से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ अनुस्मारक (रिमाइंडर) प्रार्थना-पत्र सरकार को भेजे गए।

बिलासपुर जिले की ओर से 27 जुलाई को कलेक्टर संजय अग्रवाल के माध्यम से 3,98,534 नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला प्रार्थना-पत्र भारत सरकार को प्रेषित किया गया। हस्ताक्षरों की डिजिटल कॉपी पेनड्राइव के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ तिलक नगर स्थित राम मंदिर में गोमाता पूजन, शंखनाद तथा “श्री राम जय राम जय जय राम” विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुआ। इसके बाद संस्कृत विद्यालय के विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौ यज्ञ संपन्न कराया। गोभक्त झंडे, बैनर, अभियान संदेशों वाले प्लेकार्ड और भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना यात्रा निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। प्रार्थना यात्रा का विशेष आकर्षण कामधेनु गौशाला, नूर महल (लुधियाना) से लाए गए नंदी महाराज ‘चैतन्य’ रहे, जिन्हें गौ संरक्षण का संदेश लेकर यात्रा में शामिल किया गया।

अभियान के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शीघ्र ही केंद्र सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो तीसरे चरण में 20 करोड़ अतिरिक्त हस्ताक्षर एकत्र कर 27 अक्टूबर को संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।


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