फंस गए हैं क्रेडिट कार्ड के जाल में, कैसे निकलें?

Date: 2026-07-27
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फंस गए हैं क्रेडिट कार्ड के जाल में, कैसे निकलें?

देश में सक्रिय क्रेडिट कार्ड की संख्या 10.7 करोड़ हो गई है। जितनी तेजी से क्रेडिट कार्ड उपभोक्ता बढ़े हैं, उससे कई गुना तेजी से क्रेडिट कार्ड बकाया बढ़ा है। कुल बकाया बढ़कर 3.1 लाख करोड़ रुपये हो गया है। स्मार्टफोन, टीवी, एसी और गाड़ियों से लेकर विदेश यात्राओं तक के शौक अब बचत से नहीं, बल्कि क्रेडिट कार्ड और आसान किस्तों के सहारे पूरे हो रहे हैं। बाजार में बिकने वाले 70 फीसदी आईफोन ईएमआई पर खरीदे जा रहे हैं। 30 फीसदी पर्सनल लोन केवल छुट्टियों में घूमने-फिरने के लिए लिया जा रहा है।

क्रेडिट कार्ड का जाल तब बनता है, जब कोई व्यक्ति उन खरीदारियों के लिए कार्ड का उपयोग करता है, जिन्हें वह तुरंत चुकता नहीं कर सकता, और फिर हर महीने केवल न्यूनतम भुगतान ही करता है। इस आदत के कारण भुगतान का अधिकांश हिस्सा मूलधन को कम करने के बजाय केवल ब्याज में चला जाता है, जिससे समय के साथ कर्ज बढ़ता रहता है।

अगर आप कर्ज के जाल में फंस गए हैं, तो इससे बाहर निकलने के लिए तुरंत कदम उठाना चाहिए। परिवार या दोस्त से बिना ब्याज मदद लेना सबसे सुरक्षित रास्ता है। बैलेंस ट्रांसफर के जरिए महंगे ब्याज वाले कार्ड से सस्ते ब्याज वाले कार्ड में कर्ज शिफ्ट किया जा सकता है। ईएमआई को 12-18 फीसदी से घटाकर 9.99-11 फीसदी पर लाया जा सकता है। अगर ईएमआई भी नहीं चुका पा रहे तो बैंक से बातचीत कर स्ट्रक्चर्ड सेटलमेंट आखिरी विकल्प है, जिसमें 40 से 70 फीसदी बकाया लेकर खाता बंद हो सकता है, लेकिन इससे क्रेडिट स्कोर लंबे समय तक प्रभावित होता है।

विशेषज्ञ काशिफ अंसारी सलाह देते हैं कि स्टेटमेंट में दी गई पूरी राशि का भुगतान करें। अगर पूरा न चुक पाएं तो न्यूनतम से ज्यादा भरें। सबसे महंगे ब्याज वाले कार्ड का भुगतान पहले करें। नकद न निकालें, क्योंकि उस पर पहले दिन से ही ब्याज लगता है। पुरानी फिजूलखर्ची चुकाने के लिए नया कर्ज न लें और पहली मिस पेमेंट को नजरअंदाज न करें। आदतों में बदलाव ही कर्ज से मुक्ति का पहला कदम है।


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