यूक्रेन में रक्षा नेतृत्व परिवर्तन पर बढ़ा राजनीतिक विवाद, लगातार दूसरे दिन सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
यूक्रेन में राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा नेतृत्व में किए गए बड़े बदलाव के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। राजधानी कीव सहित कई शहरों में लगातार दूसरे दिन भी नागरिकों, युद्ध के पूर्व सैनिकों और सैन्यकर्मियों के परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सेना के प्रमुख जनरल ओलेक्सांद्र सिर्स्की को हटाने और हाल ही में पद से हटाए गए पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को दोबारा जिम्मेदारी सौंपने की मांग की।
रिपोर्टों के अनुसार, फेदोरोव को आधुनिक सैन्य तकनीक, ड्रोन युद्ध क्षमता और रक्षा क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने वाला लोकप्रिय नेता माना जाता था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी विदाई से सेना के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। वहीं, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह फेरबदल सरकार और सुरक्षा तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने तथा आंतरिक मतभेदों को समाप्त करने के उद्देश्य से किया गया है।
सरकार ने अंतरिम रक्षा मंत्री के रूप में येवहेनी खमारा को जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि पूर्व पुलिस प्रमुख इहोर क्लीमेंको को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा परिषद का नेतृत्व सौंपा गया है। सरकार का कहना है कि युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों में मजबूत और समन्वित नेतृत्व आवश्यक है।
यह राजनीतिक संकट ऐसे समय सामने आया है जब यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध लगातार जारी है। एक ओर यूक्रेनी सेना रूस पर दबाव बनाए रखने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर देश के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर बढ़ता असंतोष सरकार के लिए नई चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद यूक्रेन की सैन्य रणनीति और राजनीतिक स्थिरता दोनों को प्रभावित कर सकता है।