बिलासपुर: 30 से अधिक स्कूलों में एक-एक शिक्षक, कलेक्टर के निर्देश के 20 दिन बाद भी पदस्थापना नहीं
बिलासपुर जिले के 30 से अधिक प्राथमिक स्कूल आज भी सिर्फ एक-एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में वही शिक्षक पढ़ाने के साथ प्रशासनिक और कार्यालयी काम भी संभाल रहे हैं। 7 जुलाई को कलेक्टर ने इन स्कूलों में तत्काल शिक्षकों की पदस्थापना के निर्देश दिए थे, लेकिन करीब 21 दिन बाद भी स्थिति नहीं बदली। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार बिला, मस्तुरी, कोटा और तखतपुर ब्लॉक के कुल 31 स्कूलों में केवल एक-एक शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें बिला में 13, मस्तुरी में 7, कोटा में 6 और तखतपुर में 5 स्कूल शामिल हैं। भीमाओथा प्राथमिक स्कूल में 55 बच्चे एक शिक्षिका के भरोसे पढ़ रहे हैं। कोरियापारा स्कूल में एचएम, क्लर्क और टीचर तीनों जिम्मेदारियां एक ही व्यक्ति निभा रहा है। बैमा स्कूल में प्रमोशन के बाद शिक्षक गए तो नया शिक्षक अभी तक नहीं मिला।
इन स्कूलों में पांचों कक्षाओं के बच्चे एक ही कमरे में बिठाए जा रहे हैं। पढ़ाई अधूरी रह जाती है और बच्चों का ध्यान भटकता है। दानपारा प्राथमिक स्कूल में घोषणा तो हुई कि एचएम नियुक्त किया जाएगा, लेकिन असर 34 बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई स्कूलों में गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे शिक्षकों को रिलीव करने के निर्देश भी दिए गए थे, पर वे अभी तक लागू नहीं हो पाए।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ रहे असर और पदस्थापना न होने के संबंध में कलेक्टर के निर्देश के बावजूद अब तक नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इस मुद्दे पर उन्होंने कुछ कहने से इनकार कर दिया। शिक्षा विभाग और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।