सर्पदंश दवा खरीदी में बड़ा खेल: तीन साल में 26 करोड़ के इंजेक्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) द्वारा एंटी वेनम (सर्पदंश रोधी) इंजेक्शन की खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के संकेत मिल रहे हैं। खुलासा हुआ है कि सीजीएमएससी ने बीते तीन साल-चार माह में करीब 26 करोड़ रुपये के एंटी वेनम इंजेक्शन खरीद डाले हैं। अकेले वर्ष 2023-24 में 17 करोड़ रुपये के इंजेक्शन खरीदे गए।
ताज्जुब की बात यह है कि सर्पदंश के दर्ज मामलों और मौतों की तुलना में खरीदी का यह आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है। अस्पतालों को अब तक 75682 इंजेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि 15280 वायल जांच के बाद सप्लाई के लिए तैयार रखी गई है। चालू वित्तीय वर्ष (अप्रैल से जुलाई) में ही 3.5 करोड़ रुपये के इंजेक्शन खरीदे जा चुके हैं।
खरीदी का ब्योरा: 2023-24 में 17 करोड़, 2024-25 में 5.50 करोड़ और 2025-26 में अब तक 3.50 करोड़ रुपये। विधानसभा आंकड़ों के अनुसार सर्पदंश के मामले 2023 में 8644 (118 मौतें), 2024 में 8645 (153), 2025 में 9603 (65) और 2026 में अब तक 1858 (9) रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेती-किसानी के दौरान मामले 90 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं, लेकिन पीड़ितों को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय बैंगा-गुनिया से झाड़-फूंक कराने की प्रवृत्ति मौत का मुख्य कारण बन रही है।
सीजीएमएससी का दावा है कि सभी जिला व सामुदायिक अस्पतालों में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। एमडी रितेश अग्रवाल के अनुसार मांग के आधार पर दवा खरीदी जाती है। विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा का कहना है कि दो घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचने पर 90 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई जा सकती है। वेयरहाउसों में भी भारी स्टॉक उपलब्ध है। इस बीच विभाग जांच के बाद सीआईएसएफ को सौंपने की तैयारी में है।