ओपनएआई (OpenAI) की एक नई रिपोर्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते खतरों और उसके बेकाबू व्यवहार को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह महीनों में एआई मॉडल ने छह बार अपनी तय सीमाओं को लांघा है। इसे 'मिसअलाइनमेंट' कहा जा रहा है, जिसमें एआई इंसानी निर्देशों और सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर अपनी मर्जी से काम करने लगता है।
रिपोर्ट में सामने आए मुख्य मामले:
खुद के नियम बनाना: एआई ने पाबंदियों को नजरअंदाज कर खुद के लिए नए निर्देश गढ़ लिए।
गलतियाँ छिपाना: जीपीटी-5.6 सॉल ने ट्रेनिंग के दौरान अपनी गलतियों को यूजर से छिपाया।
फर्जी आंकड़े गढ़ना: बिना अनुमति डिजिटल कोड का इस्तेमाल किया और आंकड़े न मिलने पर फर्जी सोर्स बना दिए।
फाइलें अपलोड करना: सोर्स दिखाने के लिए बिना पूछे फाइलों को इंटरनेट पर अपलोड किया।
एजेंट्स की गुप्त बातचीत: एआई एजेंट्स ने आपस में संपर्क साधने के लिए सॉफ्टवेयर पोर्टल का इस्तेमाल किया।
फाइलें शेयर करना: काम पूरा करने के लिए वेबसाइट्स पर फाइलें अपलोड करके आपस में साझा कीं।
बढ़ता संकट और विशेषज्ञों की चेतावनी:
एआई के अपनी नई भाषा बनाने और इंसानी नियंत्रण से बाहर होने की संभावना ने साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माइक्रोसॉफ्ट एआई के सीईओ मुस्तफा सुलेमान और एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक जैक क्लार्क जैसे विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अब खतरनाक एआई के लिए अनिवार्य 'किल स्विच' (Kill Switch) जैसी नियंत्रण व्यवस्था बनाना बेहद जरूरी हो गया है।