नई दिल्ली:
अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चढ़ावा चोरी के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सौंपी गई विशेष जांच दल (SIT) की स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में चढ़ावा चोरी की 70 नहीं, बल्कि कुल 105 घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुई हैं।
कानूनी प्रक्रिया और जमानत से बचाने की कवायद
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जांच एजेंसी अगले दो दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर देगी। पहली गिरफ्तारी को 25 सितंबर को 90 दिन पूरे हो रहे हैं; यदि इससे पहले चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती, तो आरोपियों को कानूनन 'डिफ़ॉल्ट जमानत' मिलने का रास्ता साफ हो जाता।
8 आरोपी गिरफ्तार, ₹79.85 लाख बरामद
मामले की गहराई से जांच करते हुए एसआईटी ने अब तक 8 आरोपियों (अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव) को गिरफ्तार किया है, जिनमें मंदिर के चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। आरोपियों के पास से अब तक 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के बयान, बरामद नकदी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को मजबूत सबूत के तौर पर शामिल किया गया है।
मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल
चढ़ावा चोरी का यह गंभीर मामला उजागर होने के बाद मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था में कड़े कदम उठाए गए हैं:
ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों (चंपत राय व अनिल मिश्रा) को जिम्मेदारी से हटा दिया गया है।
मंदिर प्रशासन में सीईओ (CEO) आधारित नई व्यवस्था लागू की गई है।
सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
अब मंदिर में मिलने वाली कीमती सामग्रियों की रसीद सॉफ्टवेयर के जरिए बनती है और रकम को एसबीआई (SBI) के लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है।
आगामी चार्जशीट में इस बात का पूरा ब्योरा सामने आएगा कि 105 किश्तों में कुल कितने रुपये की चोरी हुई और हर आरोपी की इसमें क्या भूमिका थी।