बदलते तकनीकी दौर में युवाओं की धार्मिक और आध्यात्मिक सोच भी तेजी से डिजिटल हो रही है। स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अब केवल मनोरंजन या पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धर्म और आध्यात्मिक जानकारी हासिल करने के माध्यम भी बन गए हैं।
एक सर्वे के अनुसार, करीब तीन में से एक किशोर डिजिटल माध्यमों से धर्म-अध्यात्म के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहा है। खासतौर पर जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी धार्मिक विषयों को समझने के लिए यूट्यूब, इंस्टाग्राम, पॉडकास्ट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा ले रही है। ऑनलाइन वीडियो, धार्मिक प्रवचन, मंत्र और आध्यात्मिक सामग्री युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि युवाओं के लिए डिजिटल माध्यम धार्मिक जानकारी का आसान और सुविधाजनक स्रोत बन गया है। वहीं, धार्मिक सवालों के जवाब पाने के लिए एआई चैटबॉट का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक ने आध्यात्मिक ज्ञान तक पहुंच आसान की है, लेकिन ऑनलाइन उपलब्ध धार्मिक सामग्री की विश्वसनीयता और तथ्यात्मकता को लेकर सतर्क रहना भी जरूरी है।
इस बदलाव से साफ है कि नई पीढ़ी धर्म से दूर नहीं हो रही, बल्कि उसे समझने और अपनाने के लिए नए डिजिटल रास्ते तलाश रही है।