मिथोस’ एआई मॉडल से वित्तीय जगत में हलचल, बैंकिंग सिस्टम हैक होने का डर
नई दिल्ली। उन्नत एआई मॉडल ‘मिथोस’ के दुरुपयोग की आशंका ने वित्तीय क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की एआई तकनीक गलत हाथों में पहुंच जाए, तो बैंकिंग नेटवर्क, फिनटेक प्लेटफॉर्म और डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर बड़े साइबर हमले संभव हैं। इसी खतरे को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रमुख बैंकों व एजेंसियों के साथ आपात बैठक कर सुरक्षा समीक्षा की।
विशेषज्ञों के अनुसार, एआई की मदद से हैकर्स फिशिंग, डेटा चोरी और सोशल इंजीनियरिंग जैसे हमलों को अधिक सटीक बना सकते हैं। निवेशकों की निजी जानकारी, बैंक पासवर्ड, पिन और वित्तीय डेटाबेस निशाने पर आ सकते हैं। यदि बैंकिंग सिस्टम में छोटी-सी कमजोरी भी रही, तो आम लोगों की जमा पूंजी पर खतरा बढ़ सकता है।
सरकार ने बैंकों को तुरंत अपने सॉफ्टवेयर अपडेट करने, फायरवॉल मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, ग्राहकों को सतर्क रहने, अनजान लिंक से बचने और समय-समय पर पासवर्ड बदलने की सलाह दी गई है। बैंकों में कुछ समय के लिए ऑनलाइन सेवाओं पर अतिरिक्त सुरक्षा जांच भी लागू की जा सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि तकनीक जितनी तेज़ी से विकसित हो रही है, उतनी ही तेज़ी से साइबर सुरक्षा उपायों को भी अपडेट करना होगा। सरकार और बैंकिंग संस्थाएं मिलकर ऐसे किसी भी संभावित साइबर हमले से निपटने की तैयारी में जुटी हैं, ताकि आम जनता का पैसा सुरक्षित रह सके।