समग्र शिक्षा में नया विवाद: 40-40 लाख वाले दो कंसल्टेंट
रायपुर, 15 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रोग्रामरों की नियुक्ति और संविदा से अधिक वेतन दिए जाने पर राज्य सरकार को आपत्ति का सामना करना पड़ रहा है। दो कंसल्टेंट को सालाना 40-40 लाख रुपये वेतन दिए जा रहे हैं, जबकि प्रोग्रामरों को 77 हजार से 84,800 रुपये प्रतिमाह ही भुगतान किया जा रहा है।
मुख्य विवाद
सरकार ने सवाल उठाया है कि सेटअप के अनुरूप संविदा आधार पर नियुक्ति क्यों नहीं की गई और प्रोग्रामरों को कम वेतन क्यों दिया गया? विवाद बढ़ने के बाद प्रोग्रामरों का वेतन भुगतान रोक दिया गया है।
समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने स्पष्ट किया कि प्रोग्रामरों की नियुक्ति का मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। नए प्रोग्रामर और कंसल्टेंट की नियुक्ति भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी।
क्या है पूरा मामला?
2018 के बाद सेटअप का पालन नहीं किए जाने और संविदा कर्मियों को ज्यादा वेतन दिए जाने पर आपत्ति जताई गई है। दोनों कंसल्टेंट को 40 लाख सालाना पैकेज दिया गया, जबकि प्रोग्रामरों की नियुक्ति टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से हुई।
समग्र शिक्षा के वित्त अधिकारी उमेश अग्रवाल ने शासन से स्पष्टीकरण मांगा है। अब पूरा मामला पेंच फंस गया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। प्रोग्रामरों की नियुक्ति और वेतन संरचना पर राज्य शासन में चर्चा चल रही है।
यह विवाद समग्र शिक्षा योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है। सरकार जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई करने की तैयारी में है।