नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी के समूह को एक और बड़ा झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को उनके रिलायंस समूह से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में ₹3034.90 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क कर लिया। इस कार्रवाई के साथ अंबानी ग्रुप पर अब तक कुल 19,000 करोड़ रुपये से अधिक का झटका लग चुका है।
ईडी ने इन कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई स्थित फ्लैट, खंडाला का फार्महाउस, अहमदाबाद के साणंद की जमीन और रिलायंस इंफ्रा के 7.71 करोड़ रुपये के शेयर शामिल किए हैं। जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन संपत्तियों को कुर्क किया है। ईडी अब तक कुल 19,344 करोड़ रुपये की संपत्तियां विभिन्न मामलों में कुर्क कर चुकी है।
‘एसेट शील्डिंग’ और ‘राजधानी ट्रस्ट’ पर ED की शिकंजा
ईडी की जांच में पाया गया है कि अंबानी ग्रुप ने ‘एसेट शील्डिंग’ रणनीति के तहत संपत्तियों को बचाने की कोशिश की। खासतौर पर ‘राजधानी ट्रस्ट’ (Rajdhani Trust) का इस्तेमाल किया गया, जो एक निजी पारिवारिक ट्रस्ट है। एजेंसी का आरोप है कि इसके जरिए सार्वजनिक धन को फंसाने और व्यक्तिगत लाभ के लिए संपत्तियों को ट्रांसफर किया गया।
जांच में सामने आया है कि आरकॉम और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड में विदेशी ऋणदाताओं और बैंकों की राशि का दुरुपयोग किया गया। ईडी ने कहा कि कुर्क की गई संपत्तियां व्यक्तिगत नामों के बजाय जटिल कॉर्पोरेट संरचनाओं और ट्रस्टों के तहत रखी गई थीं, ताकि जब्ती से बचाया जा सके।
ईडी अब इन संपत्तियों को बेचने या लिक्विडेट करने की प्रक्रिया शुरू करेगी, जिससे बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को बकाया वसूली में मदद मिलेगी। इस मामले में आगे की जांच जारी है।