लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक गिरा: सरकार की 'अग्निपरीक्षा' विफल

Date: 2026-04-19
news-banner
17 अप्रैल को देर शाम हुई वोटिंग के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार 131वां संविधान संशोधन विधेयक, 2026 पारित कराने में विफल रही है। हालांकि सरकार को साधारण बहुमत मिला, लेकिन संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई (2/3) बहुमत वह नहीं जुटा पाई। वोटिंग के प्रमुख आंकड़े:
पक्ष में वोट: 298
विपक्ष में वोट: 230
नतीजा: विधेयक गिर गया (पास होने के लिए कम से कम 352 वोटों की जरूरत थी)।
विपक्ष के विरोध की मुख्य वजह: परिसीमन का पेंच
कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी सहित 'INDIA' गठबंधन के दलों ने एकजुट होकर इस विधेयक का विरोध किया। उनके विरोध के मुख्य बिंदु ये रहे:

संघीय ढांचे पर हमला: विपक्षी दलों (विशेषकर दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे DMK) का तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने से उन राज्यों की सीटें घट जाएंगी जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है।

महिला आरक्षण को 'ढाल' बनाना: राहुल गांधी और कनिमोझी जैसे नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में देश का चुनावी नक्शा बदलना चाहती है। विपक्ष की मांग है कि आरक्षण बिना परिसीमन के तुरंत लागू किया जाए।

OBC कोटा की मांग: कांग्रेस और सपा ने आरक्षण के भीतर OBC और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग कोटे की मांग को लेकर अपना कड़ा रुख बरकरार रखा।
ताजा स्थिति: सरकार ने वापस लिए अन्य दो बिल
संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद, सरकार ने इस प्रक्रिया से जुड़े अन्य दो विधेयकों को भी आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है:

परिसीमन विधेयक, 2026

केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि चूंकि मुख्य संशोधन ही गिर गया है, इसलिए सरकार अब इन विधेयकों को आगे नहीं ले जाएगी।

Leave Your Comments