छत्तीसगढ़ में अब भूमि संबंधी सभी सुविधाएं घर बैठे ऑनलाइन मिलेंगी

Date: 2026-05-27
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छत्तीसगढ़ में अब भूमि संबंधी सभी सुविधाएं घर बैठे ऑनलाइन मिलेंगी


रायपुर: छत्तीसगढ़ में भूमि-स्वामियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब खसरा, बी-1, नामांतरण जैसी सभी राजस्व सेवाएं घर बैठे ऑनलाइन मिलेंगी। राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने 'डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम' के तहत सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इसे भ्रष्टाचार मुक्त व सुगम राजस्व प्रशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।


क्या-क्या होगा ऑनलाइन? 

अब नागरिकों को खसरा-बी-1 की नकल, नामांतरण और अन्य कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पोर्टल पर कृषि ऋण के लिए बैंक में गिरवी रखी भूमि की जानकारी भी उपलब्ध है, जिससे खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी। उप पंजीयक कार्यालय में पंजीयन होते ही नामांतरण प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। मोबाइल एप और एसएमएस अलर्ट की सुविधा भी दी गई है। हस्ताक्षरित डिजिटल खसरा और बी-1 की प्रति राज्य के किसी भी कोने से मुफ्त डाउनलोड की जा सकेगी।


अब तक का काम

'मॉडर्न रिकॉर्ड रूम' के तहत 20,286 गांवों के खसरा और 19,694 गांवों के नक्शों का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत 18,959 गांवों के नक्शों की जियोरेफ्रेंसिंग की गई है। सभी 105 उप पंजीयक कार्यालयों को तहसील कार्यालयों से ऑनलाइन जोड़ा गया है। असर्वेक्षित 1089 गांवों में से 1018 का नक्शा तैयार कर 'भूईयां' और 'भू-नक्शा' सॉफ्टवेयर में अपलोड किया गया है। 252 में से 172 तहसीलों में मॉडर्न रिकॉर्ड रूम स्वीकृत हैं, जिनमें से 155 का काम पूरा हो गया है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तकनीक के माध्यम से शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। राजस्व सेवाओं का डिजिटलीकरण आम आदमी के समय और श्रम की बचत करेगा। यह पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम है।


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