शिकागो में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण
शिकागो। अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने शिकागो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास परिसर में स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। यह कार्यक्रम रविवार को आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय प्रवासी समुदाय की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
स्वामी विवेकानंद भारत के महान दार्शनिक, चिंतक और आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में भारत का प्रतिनिधित्व किया और ‘भगिनी और भाइयों’ के ऐतिहासिक संबोधन से विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति और वेदांत का संदेश पहुंचाया।
राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “शिकागो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करना मेरे लिए गर्व का क्षण है। यह हमारे प्रवासी भारतीय समुदाय की ओर से मानवता और सार्वभौमिक भाईचारे के प्रति समर्पण का प्रतीक है। सेवा, मानवता और कालजयी संदेश आज भी प्रासंगिक हैं।”
प्रतिमा अनावरण समारोह में प्रवासी भारतीयों ने स्वामी जी के विचारों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा न सिर्फ सांस्कृतिक प्रतीक है, बल्कि युवा पीढ़ी को प्रेरित करने वाली मिसाल भी है।
महत्वपूर्ण अवसर
1893 के विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद का भाषण आज भी प्रेरणास्रोत बना हुआ है। शिकागो में उनकी प्रतिमा का अनावरण इस ऐतिहासिक स्थल को नई ऊर्जा प्रदान करता है। भारतीय समुदाय ने इसे सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
यह कार्यक्रम भारत और अमेरिका के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने वाला साबित होगा। स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं — ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’ — आज के युवाओं के लिए प्रासंगिक बनी हुई हैं।