जातिगत जनगणना की तैयारी तेज, अगस्त में जारी होगी नई प्रश्नावली

Date: 2026-07-14
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जातिगत जनगणना की तैयारी तेज, अगस्त में जारी होगी नई प्रश्नावली


नई दिल्ली। देश में प्रस्तावित जातिगत जनगणना को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, जातियों की सही पहचान और वर्गीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अगस्त माह में नई प्रश्नावली जारी की जाएगी। इस प्रश्नावली के माध्यम से गणनाकर्मियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी का सही तरीके से रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।


जनगणना का पहला चरण लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में सितंबर से शुरू किया जाएगा। इसके बाद देश के अन्य राज्यों में चरणबद्ध तरीके से जनगणना का कार्य आगे बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस बार जातिगत आंकड़ों का संग्रह पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और प्रमाणिक हो।


विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 1931 की जनगणना में लगभग 4,147 जातियों का उल्लेख किया गया था, जबकि 2011 के सामाजिक-आर्थिक एवं जाति सर्वेक्षण में लाखों जातियों और उपजातियों के नाम सामने आए। इससे स्पष्ट हुआ कि एक ही जाति के अलग-अलग नाम और स्थानीय पहचान के कारण आंकड़ों में काफी भ्रम पैदा हो गया था। इसी चुनौती को दूर करने के लिए नई प्रश्नावली में वर्गीकरण की प्रक्रिया को सरल और वैज्ञानिक बनाया जा रहा है।


सरकार का मानना है कि सही जातिगत आंकड़े उपलब्ध होने से सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि जनगणना कर्मियों का उचित प्रशिक्षण, डिजिटल तकनीक का उपयोग और जनजागरूकता अभियान इस पूरी प्रक्रिया की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक होंगे। यह जनगणना भविष्य की नीतियों और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


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