परिसीमन का नया फॉर्मूला : लोकसभा सीटें 824 करने का प्रस्ताव, दक्षिणी राज्यों को नुकसान नहीं

Date: 2026-06-25
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परिसीमन का नया फॉर्मूला: लोकसभा सीटें 824 करने का प्रस्ताव, दक्षिणी राज्यों को नुकसान नहीं

नई दिल्ली। देश में अगले परिसीमन को लेकर एक नया वर्किंग पेपर सामने आया है, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 824 करने का प्रस्ताव दिया गया है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) द्वारा तैयार इस दस्तावेज में सीटों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत वृद्धि का सुझाव दिया गया है। खास बात यह है कि दक्षिणी राज्यों की लंबे समय से चली आ रही इस चिंता को दूर करने की कोशिश की गई है कि जनसंख्या नियंत्रण के कारण उनकी संसदीय हिस्सेदारी कम हो सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा 543 सीटों में से 373 सीटों में कोई बदलाव नहीं होगा, जबकि केवल 170 सीटों का पुनर्गठन कर नई सीटें बनाई जाएंगी। प्रस्ताव के तहत 59 सीटों को दो भागों और 111 सीटों को तीन भागों में विभाजित किया जाएगा, जिससे कुल 281 नई सीटें जुड़ेंगी।

कुछ राज्यों में सीटों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। राजस्थान की सीटें 25 से बढ़कर 38, मध्य प्रदेश की 29 से बढ़कर 44 और छत्तीसगढ़ की 11 से बढ़कर 17 हो सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं होगा, बल्कि क्षेत्रफल, शहरीकरण, अनुसूचित जाति-जनजाति की आबादी, भौगोलिक विविधता और मतदान केंद्रों की पहुंच जैसे कारकों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

रिपोर्ट का दावा है कि इस मॉडल से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच प्रतिनिधित्व को लेकर पैदा होने वाले विवाद का समाधान हो सकता है। हालांकि, यह अभी केवल एक सुझाव है और अंतिम फैसला संसद तथा परिसीमन आयोग की सिफारिशों के आधार पर लिया जाएगा।


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