ई20 पेट्रोल से कुछ वाहनों का माइलेज 3–5% तक घट सकता है, सरकार ने किया स्वीकार

Date: 2026-07-14
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ई20 पेट्रोल से कुछ वाहनों का माइलेज 3–5% तक घट सकता है, सरकार ने किया स्वीकार


नई दिल्ली। देशभर में ई20 (20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल) ईंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि कुछ वाहनों में ई20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह प्रभाव सभी वाहनों पर समान रूप से लागू नहीं होगा और इसके बावजूद ई20 के पर्यावरणीय तथा आर्थिक लाभ कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।


पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ई20 पेट्रोल के कारण इंजन खराब होने के दावे वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि फिलहाल ई10 या सामान्य पेट्रोल का अलग विकल्प उपलब्ध कराने की कोई योजना नहीं है। सरकार का मानना है कि देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देना ऊर्जा सुरक्षा और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए आवश्यक है।


सरकार के अनुसार, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से किसानों को भी लाभ मिल रहा है, क्योंकि गन्ना और अन्य कृषि उत्पादों से एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से उनकी आय के नए अवसर पैदा हुए हैं। साथ ही, इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है।


हालांकि कुछ वाहन मालिकों ने पुराने मॉडलों में माइलेज घटने और प्रदर्शन प्रभावित होने की शिकायतें की हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित कुछ वाहनों में ई20 के उपयोग से ईंधन दक्षता पर थोड़ा असर पड़ सकता है, जबकि नए ई20-अनुकूल इंजन इस ईंधन के लिए बेहतर तरीके से तैयार किए गए हैं।


सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और वाहन निर्माता कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार ईंधन का उपयोग करने की अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि भविष्य में ई20 के व्यापक उपयोग से देश को विदेशी मुद्रा की बचत, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।


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