देश को पूर्ण साक्षर बनाने के संकल्प के साथ आगामी 22 मार्च रविवार को आयोजित होने वाले 'उल्लास' नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (महा परीक्षा अभियान) की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच गई है I इस राष्ट्रीय अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए बिलासपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों और समर्पित स्वयंसेवकों की टोलियों ने पूरी तरह मोर्चा संभाल लिया है।
बिलास जिले में इस अभियान के तहत बीते दिन व्यापक स्तर पर 'डोर-टू-डोर' जनसंपर्क किया गया। इस दौरान प्रेरकों और शिक्षकों ने घर घर जाकर पंजीकृत शिक्षार्थियों को उनकी 'शिक्षार्थी पर्ची' (प्रवेश पत्र) वितरित की। पर्ची वितरण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा के दिन किसी भी शिक्षार्थी को केंद्र ढूंढने या अपनी पहचान प्रमाणित करने में असुविधा न हो।
जिला परियोजना अधिकारी जितेंद्र पाटले ने बताया कि इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के वे सभी लोग सम्मिलित होंगे, जिन्होंने बुनियादी साक्षरता केंद्रों पर अक्षर ज्ञान प्राप्त किया है। घर-घर पर्ची बांटने के दौरान बुजुर्गों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया। स्वयंसेवकों ने न केवल पर्चियां दीं, बल्कि लोगों को यह भी समझाया कि शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती।
जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने कहा कि 22 मार्च को होने वाली यह परीक्षा केवल एक मूल्यांकन मात्र नहीं है, बल्कि निरक्षरता के कलंक को मिटाने का एक बड़ा उत्सव है। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि हमारे नव-साक्षर साथी गौरव के साथ अपनी परीक्षा दे सकेI
इस अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाने के लिये कलेक्टर बिलासपुर श्री संजय अग्रवाल ने अपील करते हुए वीडियो जारी की है उन्होंने कहा कि जिस देश और समाज में अधिक से अधिक साक्षर लोग होंगे वह देश और समाज अधिक विकास करेगा कलेक्टर ने सभी जागरूक लोगों से अपील की है कि 22 मार्च रविवार को अधिक से अधिक असाक्षर लोगों को नजदीक के परीक्षा केन्द्रों में लाने प्रेरित करें I
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