रायपुर में फर्जी कॉल सेंटरों पर क्राइम ब्रांच का छापा, 41 गिरफ्तार
मुख्य हेडलाइन
रायपुर: अमेरिका के लोगों से 50 करोड़ की ठगी करने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश
घटना का विवरण
रायपुर के फाफाडीह इलाके के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और राजेंद्र नगर के अंजनी टावर में दो माह की गहन निगरानी के बाद क्राइम ब्रांच ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2 बजे अचानक छापेमारी की। छापे के दौरान कई आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, जिन्हें स्थानीय जनता ने पकड़ लिया। पुलिस ने कुल 41 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि रैकेट का सरगना अभी फरार है।
पुलिस ने तीनों फर्जी कॉल सेंटरों को सील कर दिया और मौके से 25 कंप्यूटर, 18 लैपटॉप तथा 53 मोबाइल फोन जब्त किए गए।
ठगी का तरीका
आरोपी खुद को Apple, Amazon और Motorola का कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव बताकर अमेरिकी नागरिकों को रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक फोन करते थे। वे उन्हें सिविल स्कोर खराब होने का डर दिखाते और फिर चाइनीज ऐप के जरिए फर्जी चेक बनाकर ठगी करते थे। वाट्सऐप पर डेटा प्राप्त होता था और अधिकांश कर्मचारियों को 12वीं पास युवाओं को हिंदी स्क्रिप्ट देकर कॉल करवाई जाती थी।
इस रैकेट ने अमेरिका के लोगों से लगभग 50 करोड़ रुपये की ठगी की थी।
मुख्य आरोपी और गिरफ्तारियां
इस पूरे रैकेट को अहमदाबाद के विकास शुक्ला और संजय शर्मा ने संचालित किया। हॉल किराए पर लेकर चलाया गया था।
कॉल सेंटर के इंचार्ज थे: रोहित यादव, सौरभ सिंह और गौरव यादव (इन्हें 30 हजार रुपये वेतन मिलता था)। बाकी कर्मचारियों को 15 से 20 हजार रुपये महीना दिया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई
रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि यह रैकेट पिछले एक साल से सक्रिय था। साइबर सेल अब जब्त डिवाइस से डेटा रिकवर कर रही है और आगे की जांच जारी है।